“मौत चूहे मारने की दवा से… तरबूज बदनाम!”
FDA की लेट रिपोर्ट से किसानों और व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान
एपीएमसी न्यूज़ नेटवर्क : 
सोशल मीडिया पर वायरल हुई “तरबूज खाने से परिवार की मौत” वाली खबर ने पूरे बाजार में डर का माहौल बना दिया। लेकिन अब सामने आ रहा है कि मौत की वजह तरबूज नहीं, बल्कि चूहे मारने की दवा से हुई जहरीली प्रतिक्रिया थी। इसके बावजूद अफवाह का सबसे बड़ा नुकसान गरीब किसानों, छोटे विक्रेताओं और व्यापारियों को झेलना पड़ा।
कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने केवल लाइक्स और व्यूज के लिए अधूरी जानकारी फैलाई, जिससे लोगों के मन में डर बैठ गया। नतीजा यह हुआ कि गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाला तरबूज अब बाजारों में पड़ा सड़ रहा है।
रोजाना 200 से 500 रुपये कमाने वाले छोटे फेरीवालों का धंधा पूरी तरह ठप हो गया है। अफवाह से पहले 20 से 25 रुपये किलो बिकने वाला तरबूज अब 10 से 12 रुपये किलो में भी नहीं बिक रहा।
देश में हर साल लगभग 5 से 7 लाख टन तरबूज का उत्पादन होता है। लेकिन एक अफवाह ने पूरे व्यापार को हिला दिया और किसानों से लेकर बड़े व्यापारियों तक को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है ऐसी घटना फिर से ना हो इसके लिए सरकार को सख़्त कदम उठाने की जरूरत है ऐसी प्रतिक्रिया मुंबई Apmc होलसेल तरबूज व्यापारी पप्पू चौरसिया ने दी है ।
चौरसिया का कहना है कि अगर अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) की रिपोर्ट समय पर आ जाती, तो अफवाह इतनी नहीं फैलती। रिपोर्ट में हुई देरी ने डर को और बढ़ाया, जिसका सीधा नुकसान किसानों और व्यापारियों को झेलना पड़ा।